प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगातार जारी, इसी बीच राहुल गांधी देश से है बाहर

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Prashant Kishor Meets KCR in Hyderabad amid speculations of Joining Congress - India Hindi News - क्या कांग्रेस की शर्तों पर प्रशांत किशोर ने किया सरेंडर? KCR से मिलने हैदराबाद पहुंचे

इन दिनों चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें जारी हैं और इस दौरान राहुल गांधी देश में नहीं थे। उनके नदारद रहने को प्रशांत किशोर के मामले से जोड़ कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर को पार्टी की लीडरशिप पर शक है। ऐसा लगता है जैसे प्रशांत किशोर को आलाकमान पार्टी में जान फूंकने के लिए गंभीर नहीं है और इसका जीता जागता सबूत इस अहम मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी का गायब होना है। जब पीके को लेकर देशभर की नजरें कांग्रेस के फैसलें पर टिकी थीं उस वक्त राहुल गांधी विदेश में थे। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है जब राहुल किसी खास मौके पर गायब रहे हो। इससे पहले भी कई ऐसे अहम मौकों पर राहुल ऐसा कर चुके हैं। जब भी देश में कुछ अहम रहा तब राहुल विदेश में सैर करने निकल पड़े। सबसे पहली मिसाल जब साल 2014 में कांग्रेस बुरी तरह से लोकसभा चुनाव हारी तो राहुल अचानक विदेश दौरे पर निकल लिए थे। फिर 2015 में दिल्ली चुनाव में हार के बाद भी वो 57 दिनों तक विदेशी दौरे पर थे। इसके बाद 2016 में जब नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन की तैयारी की जा रही थी और पांच राज्‍यों में चुनाव होने वाले थे। लेकिन, राहुल गांधी तब भी विदेश दौरे पर चले गए थे। यही नहीं साल 2019 में महाराष्‍ट्र और हर‍ियाणा में चुनाव से पहले भी राहुल गांधी ने ऐसा ही किया था। इसके अलावा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जब विरोध प्रदर्शन अपने चरम पर था तब भी राहुल गांधी दक्षिण कोरिया घूमने निकल गए थे। उनके गायब होने का ये सिलसिला यहीं नहीं रुका। साल 2020 में जहां पार्टी के 136वें स्‍थापना दिवस के मौके पर वो गायब थे तो वहीं दिल्ली दंगों के बाद पीस मार्च में भी वो नज़र नहीं आएं। उस वक़्त सोनिया गांधी अस्पताल में थीं और राहुल विदेश में। इसी साल

झारखंड चुनाव हुए जिसमें भी राहुल गायब रहे और उनकी जगह हेमंत सोरेन के साथ प्रियंका को रैली करनी पड़ी। वहीं 2021 में पंजाब चुनाव की पहली रैली (3 जनवरी) कांग्रेस को रद्द करनी पड़ गई थी। क्योंकि तब भी राहुल अचानक गायब हो गए थे। कांग्रेस को इसका जवाब देना भारी पड़ गया था। बता दें कि 2019 में एसपीजी पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने संसद में बताया था कि राहुल गांधी 2015 से 2019 के दौरान देश में 1892 और 247 बार विदेश में बगैर सूचना दिए गए हैं। इसका एसपीजी को भी नहीं पता था कि वो कहां हैं।