निखत जरीन ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक, पीएम और यूपी सीएम सहित कई नेताओं ने दी बधाई

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भारतीय मुक्केबाज निखत जरीन इस्तांबुल में महिला विश्व चैंपियनशिप के फ्लाइवेट (52 किग्रा) वर्ग के एकतरफा फाइनल में थाईलैंड की जिटपोंग जुटामस को 5-0 से हराकर विश्व चैंपियन बनीं. तेलंगाना की मुक्केबाज जरीन ने थाईलैंड की प्रतिद्वंद्वी को सर्वसम्मत फैसले से हराया. इस जीत के साथ जरीन विश्व चैंपियन बनने वाली सिर्फ पांचवीं भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं. उनकी इस कामयाबी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी.

पीएम मोदी ने कहा, हमारे मुक्केबाजों ने हमें गौरवान्वित किया है! इन्हें शुभकामनाएं. महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में शानदार स्वर्ण पदक जीतने के लिए निखत जरीन को बधाई. मैं मनीषा मौन और परवीन हुड्डा को भी इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक के लिए बधाई देता हूं.केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के लिए निखत जरीन को शुभकामनाएं. भारत को आपकी उपलब्धि पर गर्व है. आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं.

सीएम योगी ने कहा, माँ भारती की बेटी निकहत जरीन जी ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर वैश्विक पटल पर देश का मानवर्धन किया है. आपकी इस ऐतिहासिक व गौरवशाली उपलब्धि पर हम सभी गौरवान्वित हैं. आपको हृदयतल से बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की ढेरों शुभकामनाएं!

छह बार की चैंपियन एमसी मैरीकोम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006) और लेखा केसी इससे पहले विश्व खिताब जीत चुकी हैं. जरीन के स्वर्ण पदक के अलावा मनीषा मोन (57 किग्रा) और पदार्पण कर रही परवीन हुड्डा (63 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते.

टूर्नामेंट में भारत के 12 सदस्यीय दल ने हिस्सा लिया था. भारत के पदक की संख्या में पिछले टूर्नामेंट की तुलना में एक पदक की गिरावट आई लेकिन चार साल बाद कोई भारतीय मुक्केबाज विश्व चैंपियन बनीं. मैरीकोम ने 2018 में भारत के लिए पिछला स्वर्ण पदक जीता था.