70 साल बाद भारत में चीता रिटर्न्स, एक बार फिर भारत में दिखेंगे चीते

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कई दशकों के इंतजार के बाद भारत में चीतों की वापसी हो गई है करीब 70 साल बाद भारत में दोबारा चीता दिखाई देंगे। नामीबिया से करार के चलते 17 सितंबर को 8 चीते भारत लाया गया है और आज ही पीएम मोदी का जन्मदिन भी है। चीतों की भारत वापसी को पीएम मोदी के जन्मदिन का तोहफा बताया गया है इसी दिन पीएम मोदी की मौजूदगी में सभी चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया…बता दें कि इन चीतों को लाने के लिए भारत का विशेष विमान नामीबिया पहुंचा था भारत से नामीबिया गए इस विमान को खासतौर पर डिजाइन किया गया. इस विमान पर चीते का मुंह प्रिंट किया गया जो देखने में काफी आकर्षक नजर आया इसी विमान से आठों चीतों को भारत लाया गया.क्योंकि 70 साल बाद देश को चीते मिले ऐसे में इसे एक इवेंट की तरह देखा गया भारत लाए गए 8 चीतों में 5 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक इन्हे जयपुर लैंड किया गया और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए कूनो नेशनल पार्क लाया गया यह पहली बार हुआ है जब किसी मांसाहारी पशु को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप लाया गया है 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने नामीबिया से चीता लाने को हरी झंडी दे दी थी।

फिलहाल इस पूरी परियोजना के लिए सरकार 91 करोड़ का बजट निर्धारित किया है. बता दें कि इन चीतों को एक खास पिंजरों में बंद करके नामीबिया से लाया गया है. ग्वालियर एयरबेस पर उतरने के बाद रुटीन चेकअप किया गया और फिर यहां से चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए इन सभी चीतों को कूनो वाइल्ड लाइफ सेंचुरी लाया गया. इन सभी चीतों को 24 लोगों की एक टीम के साथ नामीबिया से भारत लाया गया. देखरेख के लिए नामीबिया के वेटरनरी डॉक्टर भी चीतों के साथ भारत आए हैं. ये चीते देश से लुप्त हो चुके थे, अब लंबे समय बाद फिर एक बार देशके वातावरण में बसाने की कोशिश की जा रही है. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में बॉक्स खोलकर तीन अफ्रीकन चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ दिया है. 10 फीट ऊंचें सुरक्षित मंच से प्रधानमंत्री ने इन चीतों को छोड़ने का काम किया है. दरअसल जिस मंच से पीएम ने चीतों को छोड़ा, मंच के ठीक नीचे पिंजरे में ये सभी चीते रखे गए थे.कूनो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने चीतों को रिसीव किया. मुख्यमंत्री ने देश के लिए सबसे बड़ा तोहफा बताया. शिवराज सिंह ने कहा कि देश में चीते विलुप्त हो गए थे और इन्हें फिर से बसाना एक ऐतिहासिक कदम है.