Sunday, November 27, 2022
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देश और आतंकवाद

सोने की चिड़िया कहलाने वाले भारत को जहाँ एक ओर ब्रिटिशों ने लूटा वही दूसरी ओर इसे आतंकी हमलों ने बर्बाद कर दिया| मुख्य रूप से ये कहना गलत नही होगा कि स्वतंत्रता से पूर्व अंग्रेज़ लूटेरे थे और स्वतंत्रता के पश्चात ये आतंकवादियों से घिर गया। यूँ तो भारत में कितनी ही समस्यायें हैं जैसे बेरोजगारी ,असमानता, कन्या भ्रूण हत्या और न जाने क्या क्या, परंतु आंतकवाद भारत की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। हाल ही में हुए पुलवामा हमले के परिणामों से हम यह नि:संकोच कह सकते हैं। इससे पहले भी भारत आतंकी हमलों से दो-चार हो चुका है जिसके परिणाम घातक साबित हुए। उदाहरण के लिए 26/11 अर्थात मुंबई हमले का उदाहरण लिया जा सकता है। भारत इन हमलों का दोषी व ज़िम्मेदार अपने ही पड़ोसी देश पाकिस्तान को ठहराता है। आतंकवादी हमलों का होना देश के पिछड़ने का एक अन्य कारण है। अल-कायदा, तालिबान व जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। हज़ारों कोशिशों के बाद भी इनका खात्मा नही हो पा रहा है। आतंकवाद की समस्या के कारण ही भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के संबंधो में तकरार भी आ रही है, चूंकि इन आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तान के गुप्त संगठन आई एस आई (ISI) से समर्थन प्राप्त है, जिस कारण भारत आतंकवादी हमलों का उत्तरदायी पाकिस्तान को मानता है। “आतंकवादी” जिनका कोई धर्म नहीं होता परंतु ज़िहाद के नाम पर वे सैंकड़ों मासूमों को निर्ममता से मौत के घाट उतार देते हैं। भले ही भारत अपने यहाँ हुए आतंकवादी हमलों का जिम्मेदार पाकिस्तान को मानता हो किंतु स्वयं पाकिस्तान भी आतंकवादी हमलों का स्वाद चख चुका है। पेशावर में आर्मी स्कूल पर जो हमला हुआ वह तो स्मरण ही होगा। आतंकवाद एक ऐसी समस्या है जो भारत में कई अन्य समस्याओं को जन्म दे रहा है। यह आतंकवाद देश की उन्नति में बाधक बन रहा है। इस समस्या का समाधान सरल नही है परंतु असम्भव भी नहीं है। ऐसे में सरकार की भूमिका सक्रिय हो जाती है। अपने देश को यदि आतंकवादी हमलों से बचाना है, तो आवश्यकता है कि सरकार गुप्तचरों को बढ़ावा दे। देश की सुरक्षा को कड़े करने के लिये पुख्ता कदम उठाये, साथ ही उन भ्रष्टाचारियों को नज़रबंद कर दे जो देश में रहकर धन के लालच में आतंकवादियों का साथ देकर देशद्रोही की भूमिका निभाते हैं। तब जाकर भारत आतंकवाद के जाल से मुक्त हो पाएगा अन्यथा देश को बार -बार आतंकवादी हमलों से तार – तार किया जाएगा।

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